‘आब-ए-जमजम’ : मरुस्थल में इंसानों के लिए कुदरत का वरदान

मक्का। सऊदी अरब स्थित मक्का-मदीना मुसलमानों का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। दुनिया में बसे करोड़ों मुसलमानों का सपना होता है कि वे जीवन में एक बार जरूर मक्का-मदीना जाएं। मक्का-मदीना जाने की इस यात्रा को ‘हज’ कहा जाता है। और यहीं स्थित है एक कुआ, जिसका पानी न कभी सूखता है और न ही खराब होता है। इस कुए का पानी इतना ही पवित्र है जैसे हिन्दुओं के लिए गंगाजल। इस प्राचीन कुए का नाम है ‘जमजम।’ मक्का के इस कुए के पानी को आब-ए-जमजम कहा जाता है। यह पवित्र धर्मस्थल काबा के पास स्थित है।

लाखों लोगों की जरूरतों को पूरा करता है यह कुआ

जैसे हर हिंदू की अभिलाषा रहती है कि उसके घर में सदा गंगाजल रहे वैसे ही हर मुसलमान की यह हार्दिक इच्छा रहती है कि इस कुए का पानी उसके घर में हो। इस कुए की खासियत है कि इसका पानी कभी नहीं सूखा। सबसे बड़े आश्चर्य की बात है कि मीलों फैले रेगिस्तान में जहां सिर्फ रेत ही रेत है, वहीं यह कुआ लाखों लोगों की पानी की जरुरतों को पूरा करता है। मक्का और मदीना के लोग तो इसका पानी लेते ही हैं, हज के समय हर वर्ष वहां लाखों की तादाद में जाने वाले यात्रियों की जल की आवश्यकता भी यही कुआ पूरी करता है। इसके अलावा लौटते वक्त भी सभी हाजियों की यह हार्दिक इच्छा रहती है कि वे अपने साथ इस कुए का ज्यादा से ज्यादा पानी ले जा सकें, जिससे इसको अपने सगे-संबंधियों और मित्रों में बांटा जा सके।

न सूखता है न ही होता है खाली

इस कुए के पानी की खासियत है कि वह कभी खराब नहीं होता और यह कुदरत का चमत्कार ही है कि इसमें से चाहे कितना भी पानी निकल जाए पर यह न तो सूखता है न ही खाली होता है। मरुस्थल में यह कुआ इंसानों के लिए एक वरदान है। इस पानी के साल्ट की संरचना हमेशा एक जैसी रही है। इसका स्वाद भी जबसे यह अस्तित्व में आया तब से एक जैसा ही है। इस पानी को कभी रसायन डालकर शुद्ध करने की जरूरत नहीं होती जैसा कि अन्य कुओं पेयजल के मामले में यह तरीका अपनाया जाता है। यह भी देखा गया है कि आमतौर पर कुओं में कई जीव और वनस्पति पनप जाते हैं। कुओं में शैवाल हो जाते हैं जिससे कुए के पानी में स्वाद और गंध की समस्या पैदा हो जाती है लेकिन जमजम के पानी में किसी तरह कोई चिह्न भी नहीं मिला।

पानी से मिलती है ऊर्जा

यह कुआ कभी नहीं सूखा। यही नहीं इस कुए ने जरूरत के मुताबिक पानी की आपूर्ति की है। जब-जब जितने पानी की जरूरत हुई, यहां पानी उपलब्ध हुआ। इसने अपनी वैश्विक अहमियत को साबित किया है। दुनियाभर से हज और उमरा के लिए मक्का आने वाले लोग इसको पीते हैं और इस पानी को लेकर कोई शिकायत नहीं रही। बल्कि ये इस पानी को बड़े चाव से पीते हैं और खुद को अधिक ऊर्जावान और तरोताजा महसूस करते हैं।

नहीं बदलता पानी का स्वाद

अक्सर देखा गया है कि अलग जगह के पानी का स्वाद अलग-अलग होता है लेकिन जमजम पानी का स्वाद स्वभाविक है। हर पीने वाले को इस पानी का स्वाद अलग-सा महसूस नहीं होता है।



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