भूटान का यह नन्हा राजकुमार है सातवीं शताब्दी का लामा

कुशीनगर। भूटान राजपरिवार के सदस्य तीन साल के रिम्पोछे वेरोचन का दावा है कि वह सातवीं शताब्दी का लामा बौद्ध धर्म गुरु रिनवाचा हैं। नए जन्म में वो पुनर्जन्म की गई यात्रा की जगहों को देखने सुनने निकले हैं। भूटान की राजमाता तासी दोरजी वांग्वो वांगचुक ने पौत्र के कथन की पुष्टि की।

राजमाता बोलीं कि जन्म पश्चात पौत्र ने जब बोलना आरम्भ किया तो उसके मुख से निकला कि मैं ही रिनवाचा हूं। पौत्र ने नालंदा का नाम लिया और वहां चलने की इच्छा जताई। पौत्र ने बताया कि मैं पूर्वजन्म में नालंदा आया था, जहां मैने बौद्ध धर्म ग्रंथों विशेषकर तिब्बत के ग्रंथों का अध्ययन किया।
राजमाता ने बताया कि पौत्र ने और भी बहुत सारी बातें बताई और पूर्वजन्म से जुड़ें स्थलों के नाम बताएं।
राजपरिवार पौत्र की कही गई बातों का अनुशरण करता है। इच्छानुसार पौत्र को पूर्वजन्म के स्थलों के भ्रमण दर्शन पर भी ले जाया जाता है। कुशीनगर की यात्रा इसी कड़ी में हुई है।
– एजेंसी



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *