कोर्ट के आदेश का पालन न करने वाले डॉक्टरों का पंजीयन होगा रद्द

मुंबई। हड़ताली डॉक्टरों को हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था कि काम नहीं करना है तो इस्तीफा दे दो। बावजूद इसके जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं।

हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने वाले हड़ताली डॉक्टरों पर कार्रवाई किए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। इसी क्रम में मार्ड डॉक्टरों को कॉलेज प्रशासन और डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन ने नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि कोर्ट के आदेश का पालन न करने वालों का पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि डॉक्टरों पर हो रहे हमले को देखते हुए अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने हड़ताल पर गए डॉक्टरों को फटकार लगाते हुए काम पर लौट आने के लिए कहा था और साथ ही चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि काम नहीं करना है तो इस्तीफा दे दो।

डॉक्टरी पेशे के लिए बेहद दुर्भाग्य पूर्ण

हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि वे कामगार नहीं हैं कि अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे। अगर वे हड़ताल पर जाते हैं तो यह डॉक्टरी पेशे के लिए बेहद दुर्भाग्य पूर्ण है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी डॉक्टर काम पर नहीं लौटे हैं। तो वहीं पुणे के ससून अस्पताल में काम पर नहीं आने वाले डॉक्टरों को वहां के डीन डॉक्टर अजय चंदनवाले ने नोटिस देकर कहा है कि वे काम पर लौटें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि सायन अस्पताल में डॉक्टर रोहित कुमार से एक मृतक के परिजनों ने मारपीट किया था। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। बावजूद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इससे सायन, नायर और केईएम अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल है।
– एजेंसी



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