इस ममी के बढ़ रहे हैं बाल और नाखून, गांव वाले भगवान मानकर करते हैं पूजा

शिमला। मिस्र का नाम आते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में ममी का चित्र सामने आता है। यहां हजारों साल पुरानी ममी रखी हुई हैं जिन्हें देखने दुनिया भर से लोग हर साल पहुंचते हैं। हमारे देश के कई म्यूजियम में भी ममी रखी हुई है, लेकिन एक ममी ऐसी है जिसके बाल और नाखून आज भी बढ़ रहे हैं। यह ममी हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति वैली के पास रखी हुई है। 550 साल पुरानी इस ममी को यहां के लोग भगवान मानकर पूजा अर्चना करते हैं। यह जगह ताबो मोनेस्ट्री से 40 किमी दूर गियु गांव में है।

लाहौल स्पीति की ऐतिहासिक ताबो मोनेस्ट्री से करीब 50 किमी दूर गियू गांव साल में 6-8 महीने बर्फ से ढके रहने की वजह से दुनिया से कटा रहता है। यहां मिली यह ममी तिब्बत से गियु गांव में आकर तपस्या करने वाले लामा सांगला तेनजिंग की है। माना जाता है कि लामा ने साधना में लीन होते हुए अपने प्राण त्याग दिए थे। तेनजिंग बैठी हुई अवस्था में थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 45 साल के करीब थी। दुनिया में यह एकमात्र ममी है जो बैठी हुई अवस्था में है।

ममी की वैज्ञानिक जांच में इसकी उम्र करीब 550 वर्ष पाई गई है। ममी बनाने में एक खास किस्म का लेप मृत शरीर पर लगाया जाता है। लेकिन इस ममी पर किसी किस्म का लेप नहीं लगाया है। फिर भी इतने वर्षों से यह ममी कैसे सुरक्षित है? यह राज अभी भी बरकरार है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, चौंकाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि इस ममी के बाल और नाखून आज भी बढ़ रहे हैं। इसीलिए लोग इसे जिंदा भगवान मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं। 1974 में यहां आए भूकम्प में यह ममी जमीन में दफन हो गयी थी।

1995 में आईटीबीपी के जवानों को सड़क बनाते समय खुदाई में यह ममी फिर मिल गई। ऐसी कहानी प्रचलित है कि खुदाई के समय इस ममी के सिर पर कुदाल लगने से खून निकल आया था, जो कि सामान्य तौर पर संभव नहीं है। ममी पर इस ताजा निशान को आज भी देखा जा सकता है।



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