शराब की कुछ बूंदों ने गर्भवती महिला को ट्यूमर से दिलाई निजात

नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने ट्यूमर को खत्म करने के लिए न्यूरोटॉक्सिक ड्रग ‘एब्सल्यूट एल्कोहल’ की एक निश्चित मात्रा को ट्यूमर में पंप कर उसे नष्ट कर इतिहास रच दिया है। पहली बार गर्भावस्था की एडवांस स्टेज में पहुंची किसी महिला पर इसका प्रयोग किया गया है। एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ. पीएस चंद्रा ने इस टेक्निक को विकसित किया है।

28 वर्षीय श्रुति झा को शराब की कुछ बूंदों के कारण जीवनदान मिल गया है। वह रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर की एक दुर्लभ बीमारी से कई महीनों से जूझ रही थीं। एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ. पीएस चंद्रा ने इस टेक्निक को विकसित किया है। इलाज के कुछ ही घंटों के बाद श्रुति को राहत मिल गई और कुछ सप्ताह बाद उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

उल्लेखनीय है की वर्तमान में विशेषज्ञ ‘इंट्रा-आट्र्रियल इंबोलाइजेशन’ कर रहे हैं, जिसमें वे ट्यूमर में कुछ ग्लू भर देते हैं। यह प्रक्रिया सर्जरी से 4-6 घंटे पहले की जाती है और उसमें करीब 3-4 लाख रुपए खर्च होते हैं जबकि एब्सल्यूट एल्कोहल से इलाज करने में महज कुछ हजार रुपए का खर्च ही आता है।
– एजेंसी

 



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