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देवताओं का प्रिय आभूषण है मोर पंख, नव ग्रहों का होता है वास

नई दिल्ली (एजेंसी)। ज्योतिषशास्त्र, वास्तुशास्त्र व अन्य धार्मिक ग्रंथों में मोर पंख का काफी महत्व बताया गया है। मोर पंख में सभी देवी-देवताओं और नव ग्रहों का वास होता है। मोर पंख बहुत से देवताओं का प्रिय आभूषण है। भगवान कृष्ण, माता सरस्वती, माता लक्ष्मी, इंद्रदेव, शिव पुत्र कार्तिकेय तथा श्रीगणेश सभी को मोर पंख किसी न किसी रूप में प्रिय हैं। इसलिए यह पंख जीवन की दिशा और दशा बदलने में सहायक माना जाता है। इसके उपयोग से हम न केवल पैसों की तंगी को दूर कर सकते हैं बल्कि राहु की बुरी दशा से भी मुक्ति पा सकते हैं। आइए जानते हैं कि मोर पंख से कैसे लाभ लें।

राहु की दशा इस तरह करें दूर :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की राहु की दशा चल रही हो, उन्हें सोते समय अपने तकिए के नीचे मोर पंख रखना चाहिए। इससे राहु की दशा का प्रभाव कम हो जाता है। साथ ही मन से अनजाना भय भी दूर होता है।

बेडरूम में इस तरह रखें मोर पंख :
भगवान कृष्ण अपने मुकुट पर मोर पंख लगाते हैं, यह सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसलिए वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि बेडरूम की पूर्व या फिर दक्षिण-पूर्व दिशा में मोर पंख लगाने से सभी रुके हुए कार्य पूरे हो जाते हैं।

बच्चों में इस तरह बढ़ेगी एकाग्रता :
हिंदू धर्म में मोर पंख को माता सरस्वती के साथ जोड़ा गया है। बताया जाता है कि पढ़ाई में जिन बच्चों का मन नहीं लगता है, वह कमरे या पुस्तकों के बीच मोर पंख को रखें। ऐसा करने से एकाग्रता बढ़ाने में सहायता मिलती है।

इस तरह दूर होता है वास्तु दोष :
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार पर गणेशजी की मूर्ति के साथ मोर पंख रखने से घर से हर प्रकार का वास्तु दोष दूर हो जाता है। घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का वास नहीं होता है।

ग्रहों को कर सकते हैं शांत :
अगर आपकी कुंडली में ग्रह दोष है तो आप मोर पंख पर 21 बार मंत्र बोलकर पानी के छींटे मार दें। फिर इस पंख को मंदिर में रख दें और सुबह नदी में प्रवाहित कर दें। मान्यता है कि ऐसा करने से कुंडली के दोष शांत होते हैं। इसे हमेशा अपने पास रखने से नवग्रहों को भी शांत किया जा सकता है।

हो जाएगी आपकी परेशानी दूर :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर आपको कोई परेशान कर रहा है तो मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमानजी की प्रतिमा के मस्तक के सिंदूर से एक मोरपंख पर शत्रु का नाम लिखें और उसे घर के मंदिर में रख दें। सुबह उसे नदी में प्रवाहित करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी परेशानी दूर हो जाएगी।

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