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सहज, सुलभ और सरल व्यक्तित्व के धनी हैं चौमूं विधायक रामलाल शर्मा

विधानसभा चुनाव में चौमूं विधानसभा से तीसरी बार बने विधायक

गोविन्द तिवाड़ी

जयपुर। चौमूं विधानसभा से तीसरी बार विधायक बने रामलाल शर्मा सहज, सुलभ और सरल व्यक्तित्व के धनी हैं। विधानसभा क्षेत्र का हर व्यक्ति इनमें अपनी छवि पाता है। विधायक ने जनता से जो भी वादे किए हैं, उन पर वे हमेशा खरे उतरे हैं। इन्होंने हमेशा जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान किया है। इसलिए यहां की जनता ने इन्हें विकास पुरुष की संज्ञा दी है। विधायक शर्मा ‘सबका साथ सबका विकास’ की भावना में विश्वास रखते हैं। देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाना ही इनका लक्ष्य है।

छात्रसंघ चुनाव से राजनीतिक पारी की शुरुआत :

रामलाल शर्मा का जन्म 20 जून, 1973 को चौमूं में हुआ। पिता गिरधारी लाल और माता प्रेम देवी ने इन्हें बचपन में संस्कारों की जो घुट्टी पिलाई वो आज भी कायम है। रामलाल शर्मा की स्कूली शिक्षा चौमूं कस्बे में ही हुई। पढ़ाई के दौरान ही इनकी नेतृत्व क्षमता दिखने लगी थी। विद्यालय में होने वाले कार्यक्रमों में ये हमेशा बढ़-चढ़कर भाग लेते थे। इन्होंने हमेशा गुरुजनों का आदर सत्कार किया। गुरुजन भी इनकी गुरुभक्ति के कायल रहे हैं। इसके बाद इन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय सेे पहले बीए और बाद में एलएलबी की डिग्री हासिल की। ये वर्ष 2000-01 में राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में महासचिव चुने गए। यहीं से इनकी राजनीतिक पारी की शुरूआत हुई।

भाजपा और उसके संगठनों से जुड़ाव :

इसके अलावा रामलाल शर्मा भाजपा व उनके संगठनों से जुड़े रहे हैं। वर्ष 1995 से 2000 तक एबीवीपी में जिला प्रमुख, 2000 से 2001 तक विहिप के जिला मंत्री, 2000 से 2001 तक राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ महासचिव, 2001 से 2003 तक भाजयुमो के जिला देहात उपाध्यक्ष, 2002 से 2003 तक बजरंग दल जिला संयोजक, 2005 से 2006 तक भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष पद पर रहे हैं।


तीसरी बार बने विधायक :

रामलाल शर्मा को वर्ष 2003 में चौमूं से भाजपा प्रत्याशी बनाया गया था। उस चुनाव में रामलाल शर्मा 4294 मतों से विजयी रहे थे। वर्ष 2008 के चुनाव में 135 मतों से पिछडऩे के बाद पुन: 2013 में 44473 मतों से विजयी हुए थे। वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में रामलाल शर्मा ने इतिहास दोहराते हुए जीत दर्ज की है। साथ ही इन्होंने यह मिथक भी तोड़ दिया कि चौमूं में जीतने वाले की ही सरकार बनती है।

चौमूं विधानसभा में स्थापित किए विकास के नये आयाम :

चौमूं विधानसभा से तीसरी बार विधायक बने रामलाल शर्मा ने क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। विधायक शर्मा ने क्षेत्र की जनता की वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान करके शानदार काम किया है। इसके अलावा प्रसिद्ध सामोद वीर हनुमान मंदिर में विकास के कई काम करवाए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए रोप-वे शुरू किया गया है। इसके अलावा सड़क, चिकित्सा, विद्युत, यातायात एवं शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए हैं। आज चौमूं विधानसभा क्षेत्र विकास के मामले में काफी आगे हैं। जनता इसका पूरा श्रेय विधायक रामलाल शर्मा को देती है।

भाजपा ने विधायक शर्मा को सौंपी नई जिम्मेदारी :

लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने विधायक रामलाल शर्मा को जयपुर देहात उत्तर का जिलाध्यक्ष बनाया है। विधायक रामलाल शर्मा 2009 से 14 तक जिलाध्यक्ष रहे, तब वर्ष 2013 में भाजपा ने जयपुर देहात की 13 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब रामलाल शर्मा के पास जयपुर देहात उत्तर में छह विधानसभा सीटें रहेंगी, इनमें चौमूं, आमेर, जमवारामगढ़, विराटनगर, कोटपूतली व शाहपुरा शामिल हैं। जिलाध्यक्ष रामलाल शर्मा ने बताया कि संगठन को मजबूत करेंगे। पहले विधानसभा वार बैठकें करेंगे। प्रभारी बनाएंगे। मंडल स्तर पर जो निष्क्रिय कार्यकर्ता हैं, उन्हें हटाकर नए लोगों को जिम्मेदारी देंगे।

सामाजिक गतिविधियों में अग्रणी :

रामलाल शर्मा सामाजिक गतिविधियों में हमेशा अग्रणी रहते हैं। हर साल ये ग्रामीण युवा कल्याण संस्था के माध्यम से रक्तदान शिविर और प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन करवाते हैं। रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने पर उप राष्ट्रपति रहे स्व. भैंरोसिंह शेखावत ने इन्हें सम्मानित किया था।
बता दें कि रामलाल शर्मा की शादी 27 फरवरी, 1993 को मंजू देवी से हुई। इनके दो पुत्र हैं। इनका पुस्तैनी व्यवसाय कृषि है। शुरू से खेलकूद में आगे रहने वाले रामलाल शर्मा को सबसे ज्यादा कबड्डी का खेल पसंद है।

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