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विज्ञान एवं डिजाइन में महिलाओं की भूमिका पर परिचर्चा

महिलायें युगो से सभी क्षेत्रों में दे रही है योगदान

जयपुर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने कहा है कि महिलायें विज्ञान एवं डिजाइन तक ही सीमित नही है। वे सभी क्षेत्रों में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न शोधों एवं तकनीक के द्वारा किसी भी देश की अर्थवयव्स्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

शास्त्री नगर स्थित विज्ञान केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रोफेसर मधुरा यादव ने कहा कि “नारी एक शक्ति एवं जगत जननी है” उन्होंने महिला कि विज्ञान और डिजाइन में भूमिका विषय पर परिचर्चा के दौरान कहा कि युगों से महिलाओं ने सभी क्षेत्र में अपना योगदान दिया है और विज्ञान में भी महिलाओं कि भागीदारी उल्लेखनीय है।

परिचर्चा को आगे बढाते हुए मंजरी महाजनी, प्रख्यात कथक नृत्यागंना और संस्थापक, निदेशक, आरोहिनी कथक नृत्य अकादमी, जयपुर ने कहा कि नृत्य एवं कला प्रदर्शन में आज बहुत बदलाव आ गया है। उन्होंने कहा कि पहले बालिकाओं को नृत्य एवं कला प्रदर्शन टेबू मन जाता था । वही शिल्पी दुआ, आर्किटेक्ट ने बताया कि आर्किटेक्चर के क्षेत्र में कागज का कैसे प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कागज जैसी नाजुक होकर भी महिलाएं एक मजबूत चट्टान कि तरह खड़ी रह सकती है।

परिचर्चा में डॉ. रीमा हूजा, निदेशक, सिटी पैलेस जयपुर और जयगढ़ पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट, राजस्थान ने अपनी बात रखते हुआ कहा कि जिन्दगी में रचनात्मकता का बहुत महत्व है और मानसिक कुशलता के द्वारा इतिहास रचा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान हरीश यादव, मैजिशियन ने अपने जादू के माध्यम से बताया कि मानसिकवाद मन को पढ़ने की कला है और जादू को विज्ञान के दायरे से अलग नहीं रखा जा सकता। यादव ने अपने जादू के माध्यम से दिखाया कि विज्ञान जादू और कल्पना को करीब लाती है। यादव ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव सुश्री मुग्धा सिन्हा के साथ लॉक गेम खेलकर जादू का प्रदर्शन किया।

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