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ऎतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को देख अभिभूत हो उठेदेशी-विदेशी सैलानी

जयपुर। मरु महोत्सव के मद्देऩर प्राचीन और ऎतिहासिक महत्व के पुरातात्विक स्थल कुलधरा में रविवार को देशी और विदेशी सैलानियों का जमघट लगा रहा। इन सैलानियों ने कुलधरा की बस्तियों के अवशेषों के साथ ही कुलधरा के पालीवालों की प्राचीन लोकसंस्कृति का दिग्दर्शन करवाने के लिए हुए कार्यो, संरचनाओं और विभिन्न् ऎतिहासिक स्थलों को देखा।

सैलानियों ने पालीवालों के इस समृद्ध और अत्यंत वैभवशाली कुलधरा नगर के ऎतिहासिक परिवेश, जनजीवन और लोकसंस्कृति की विलक्षण परम्पराओं व विरासत की जानकारीली तथा गौरवशाली इतिहास को सुनकर व पुरा महत्व के अवशेषों को देख कर बेहद अभिभूत हो उठे और प्राचीनकालीन कुलधरा के तत्कालीन वैभवशाली स्वर्णिम समय की कल्पना में खो गये। कुलधरा भ्रमण के दौरान इन सैलानियों ने पूरे क्षेत्र में घूम-घूम कर प्राचीन खंडहर , इनके वास्तु, भवनों की पुरातन संरचना तथा लोक जीवन के तमाम पहलुओं के बारे में जानकारी ली।

रंगोली प्रतिस्पर्धा के सुनहरे बिम्बों ने किया मंत्रमुग्ध

सैलानियों ने कुलधरा में मरु महोत्सव के अन्तर्गतआयोजित रंगोली प्रतियोगिता को देखा तथा प्रतिभागियों की कल्पनाशीलता और सृजनात्मक प्रतिभाओं की सराहना की। राजस्थान की कला, संस्कृति, परंपरा एवं विरासत को प्रदर्शित करती रंगोली ‘पधारो म्हारे देश’, के अन्तर्गत ‘धरती धोरां री’की झिलमिलाती रेत एवं गूंजता सुरीला लोक संगीत, जैसलमेर किला, ऊँट, मूमल-महेन्द्र का सौ कोस का सफर, अद्वितीय सौन्दर्य की स्वामिनी राजकुमारी मूमल और अदम्य साहस, अमरकोट के राणा महेन्द्र आदि से संबंधित पूरे ऎतिहासिक कथानक को लकड़ी के रंगीन बुरादे के माध्यम से दर्शाती रंगोली सैलानियों के आकर्षण का जबर्दस्त केन्द्र रही।

छात्राओं की रंगोली निर्माण कला, इसकी विषय वस्तु, बालिकाओं की कल्पना में जैसलमेर में मरु महोत्सव तथा बेटी बचाओ-बेटी बचाओ’’ अभियान और परिवेश सौंदर्य दर्शाने वाली रंगोलियों को देख हर कोई अभिभूत हुए बिना नहीं रह सका। सभी ने बालिकाओं की पीठ थपथपाई।

कलाकारों ने मोहा विदेशियों का मन

इसी प्रकार आकर्षक परिधानों में नृत्य करते कलाकारों एवं लोक वाद्यों की धुनों पर विदेशी पर्यटक खासे मोहित हुए। पर्यटकों ने इनके नृत्यों को देखा तथा जी भर कर सराहा। इसके बाद देशी-विदेशी पर्यटकों ने कुलधरा में कच्छी घोड़ी नृत्य कलाकारों के मनोहरी रंगारंग कार्यक्रमों को भी बड़ी उत्सुकता के साथ देखा और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियॉं पर मुग्ध हुए बिना नहीं रह सके। मरुश्री ओमप्रकाश वैष्णव ने भी कुलधरा में रंगोलियों को देखा।

जैसलमेर के दामोदरा रण में घुड़दौड़ प्रतियोगिता की झलक पाने उमड़े लोग

मरु महोत्सव के अन्तर्गत रविवार को जैसलमेर-सम मार्ग पर स्थित दामोदरा रण में आयोजित रोमांचक घुड़दौड़ प्रतियोगिता को देखने देशी-विदेशी सैलानियों के साथ ही क्षेत्रवासियों, अश्वारोहियों, अश्व पालकों एवं अश्वप्रेमियों का जमघट लगा रहा। होर्स रेस में दूर-दूर से आए घुड़सवारों ने हिस्सा लिया। दामोदरा रण में पहली बार आयोजित हॉर्स रेस में उत्साहजनक भागीदारी नज़र आयी। सभी श्रेणियों के अश्वों के विजेता रहने पर इनके स्वामियों को जिला कलक्टर नमित मेहता एवं अन्य अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

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