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गैस कम्पनियां डिस्ट्रीब्यूटर्स के गोदामों की नियमित जांच करेंं : जिला कलक्टर

जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जोगाराम ने सभी गैस कम्पनियों को उनके डिस्ट्रीब्यूटर के गोदामों की नियमित जांच कराने, नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था एवं सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही डिस्ट्रीब्यूटर्स व डिलीवरी मैन्स को व्यापक रूप से प्रशिक्षण देने एवं उपभोक्ता द्वारा आपात स्थिति में संपर्क हेतु कस्टमर केयर व आपातकालीन दूरभाष नंबर 1906 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।

डॉ.जोगाराम ने ये निर्देश गुरूवार को जिला कलक्टे्रट में एलपीजी गैस कम्पनीज के कार्यों की मॉनिटरिंग एवं गैस सिलेंडरों के सुरक्षा मानकों के सम्बन्ध में गैस कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में दिए। जिला कलक्टर ने उन्होंने खराब गुणवत्ता के सिलेंडर्स उपभोक्ताओं तक पहुंचने की स्थिति में सुधार के लिए गुणवत्ता जांच को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम्पनियों से संदलित खराब सिलेंडर्स की रिपोर्ट भी देने को कहा।

जिला कलक्टर ने गैस कम्पनी के विक्रय अधिकारी, फील्ड स्टाफ द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रतिमाह आवश्यक रूप से अधिनियम के अन्तर्गत 6ए इत्यादि के प्रकरण पेश करने और की गई कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्हेंं कम्पनियों द्वारा बताया गया था कि अभी तक गैस एजेंसियों द्वारा 6ए का एक भी प्रकरण नहीं बनाया गया है। जिला कलक्टर ने उन्हें घरेलू गैस सिलेण्डरों के व्यावसायिक उपयोग की जांच करवा कर ईसी एक्ट एवं द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण अधिनियम) आदेश, 2000 के अन्तर्गत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही गैस कम्पनीज व जिला रसद अधिकारी प्रथम, द्वितीय के संयुक्त दल बनाकर भी अधिनियम के अन्तर्गत जांच कार्यवाही करने को कहा।

उन्होंने निर्देशित किया कि सिलेंडर्स की एक कंपनी से दूसरी कंपनी में पोर्टेबिलिटी हेतु आवश्यक सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं हो। बैठक में ईएसओ प्रतिनिधि ने बताया कि गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सीधे प्लांट से डिस्ट्रीब्यूटर व डिस्ट्रीब्यूटर से उपभोक्ता को किये जाने का प्रावधान है। अन्य कोई डम्पिंग प्वॉइंट अधिकृत नहीं है। व्यावहारिकता में डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा एक से अधिक डम्पिंग प्वॉइंट के माध्यम से गैस सिलेण्डर का उपभोक्ताओं को वितरण किया जाता है। इस पर जिला कलक्टर ने सभी गैस कंपनियों को निर्देशित किया कि अवैध रूप से संचालित डम्पिंग प्वॉइंट की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जावे एवं की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

बैठक में जिला रसद अधिकारी, जयपुर प्रथम कनिष्क सैनी, द्वितीय श्री गोपाल सिंह शेखावत, उप मुख्य नियंत्रक अधिकारी, पीईएसओ एस. कनडासामी, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईओसीएल विकास, प्रतिनिधि, आईओसीएल राजेश मीना, प्रतिनिधि, एचपीसीएल विमल, प्रतिनिधि, एचपीसीएल मनोज गोयल, प्रतिनिधि, बीपीसीएल वेदप्रकाश एवं सौनिल कुमार, प्रतिनिधि, रिलायंस गैस लिमिटेड प्रदीप एवं महेन्द्र शामिल हुए।

नुकसान की स्थिति में यह हैं बीमा के प्रावधान

गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनियों द्वारा रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं के लिए आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कंपनी का बीमा कराया जाता है। रजिस्टर्ड उपभोक्ता के रजिस्टर्ड निवास स्थान पर किसी भी तरह का हादसा होने पर रजिस्टर्ड उपभोक्ता की मृत्यु होने की दशा में 6 लाख का भुगतान देय होता है। इसी तरह प्रत्येक घटना पर 50 लाख व घायलों के लिए 40 लाख (प्रति घायल 2 लाख रुपए तक का) का बीमा भी होता है। यह बीमा भी डिस्ट्रीब्यूटर को कराना होता है, जिसकी जांच नियमित रूप से की जाती है। इसी तरह तृतीय पक्ष के लिए भी 40 लाख (वर्ष में अधिकतम 4 हादसे, प्रति हादसा 10 लाख रु.) का बीमा डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा कराया जाता है। इस संबंध में कंपनियों को निर्देशित किया गया कि बीमा की सूचना आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जावे।

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