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खादी श्रम के प्रति निष्ठा का प्रतीक है : डॉॅ. कल्ला

जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि खादी को गांधी ने गांवों के उद्दार और स्वावलम्बन का आधार बनाया उसी तरह आज भी यह कई हाथों को रोजगार देकर उन्हें स्वावलम्बी बना सकता है। उन्होंने कहा कि खादी श्रम के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। यह एक विचार है, जो आज के नौजवानों को नई राह दिखा सकता है।

डॉ. कल्ला महात्मा गांधी के 150वीं जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को बिड़ला सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में खादी संगोष्ठी के द्वितीय संत्र की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने गांधीजी के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि गांधी जी ने हमेशा श्रमदान और पवित्रता को महत्त्व दिया। उन्होंने बताया कि गांधीजी ने चरखे को क्रान्ति के रूप में जन जन तक पहुंचाया और लाखों लोगों के हाथों को काम दिया और जितना योगदान देश की आजादी के लिए दिया उतना ही गांवों के उद्दार और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी दिया। उन्होंने कहा कि हमें गांधी के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात् करना चाहिये और खादी को एक अभियान की तरह जन जन के जीवन तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिये।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि गांधीजी की 150वीं जयन्ती के कार्यक्रम राज्य में एक साल और चलेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान कतिन और बुनकरों की समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें दूर करने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांधीजी का सपना था कि ग्रामोद्योग और कुटीर उद्योगों से गांव आत्मनिर्भर बनें इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा खादी उद्योग को सशक्त करने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और खादी के लिए दस करोड़ का रिवोल्विंग फंड भी दिया गया है।

इस अवसर पर शांति और अहिंसा प्रकोष्ठ के समन्वयक एस एस बिस्सा ने कहा कि गांधीजी ने अपना पूरा जीवन जिस तरह जीया, वही उनका संदेश है। उन्होंने कहा कि गांधीजी के ट्रस्टीशिप के सिद्धान्त को जीवन में उतार कर हम अपने जीवन मूल्यों को ऊंचा उठा सकते हैं। बिस्सा ने कहा कि हमारे पास जो कुछ भी है हम उसके मालिक नहीं होकर, केवल ट्रस्टी हैं यही ट्रस्टीशिप का सिद्धान्त है। इस मौके पर राजस्थान विश्वविद्यालय के गांधी स्टडीज सेंटर के निदेशक डॉ. राजेश शर्मा तथा सेंट जेवियर्स कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. शीला राय ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के अंत में आयुक्त, उद्योग मुक्तानंद अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में अधिकारियों तथा कर्मचारियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कार्यकर्ता तथा ग्रामीण उपस्थित थे।

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