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टीकाकरण अभियान में निजी चिकित्सा संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करे : जिला कलक्टर


जयपुर। जिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने जिले में आगामी 22 जुलाई से आरम्भ होने वाले खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान में निजी चिकित्सालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जयपुर शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख निजी संस्थानों को इस अभियान से जोड़ा जाए।

यादव मंगलवार को जयपुर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से भी निजी चिकित्सा संस्थानों को निर्देश जारी किए जाएंगे। जिला कलक्टर ने अभियान की सफलता के लिए चिकित्सकों को समन्वय एवं जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों में बच्चों की संख्या अधिक है, वहां पर पर्याप्त संख्या में ‘हैल्थ वक्र्स‘ को नियोजित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत एक साथ टीके लगाकर नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को ‘इम्यूनाईज‘ करने का लक्ष्य है। जिनको पहले टीके लग चुके है, उनको भी अभियान में आवश्यक रूप से टीके लगाए जाएंगे। दुबारा टीका लगाना उतना ही जरूरी है, जितना पहली बार था। दुबारा टीके लगाने का कोई ‘साइड इफैक्ट‘ नही है। अभियान के तहत जयपुर जिले में चिकित्सकों सहित मेडिकल स्टॉफ का प्रशिक्षण हो चुका है। वैक्सीन का गई है, जिसकी सप्लाई की जा रही है। साथ ही प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया जा रहा है। जिले के सभी ब्लॉक्स का ‘माइक्रो प्लान‘ भी तैयार कर लिया गया है।

बैठक में चिकित्सा अधिकारी को आगामी दिनों में मौसमी बीमारियों पर प्रतिदिन विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में प्रचार-प्रसार, घर-घर गतिविधियां एवं एंटी लार्वा एक्टिविटी करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि वर्षा के मौसम में घरों एवं कार्यालयों में कूलर सहित पानी वाले पात्रों को प्रत्येक सात दिन में खाली कर, दुबारा काम में लेने से पहले सुखाना जरूरी है ताकि इनमें मच्छरों के अंडे नही पनपे। घरों में पानी के पात्रों को ढ़ककर रखना भी जरूरी है। इसके अतिरिक्त बैठक में स्वाईन फ्लू या स्क्रब टाईफस के लक्षणों वाले मरीज पाये जाने पर उनका भी समय पर ईलाज आरम्भ करने के निर्देश दिए गए।


गत वर्ष या पिछले दिनों में जहां पर मलेरिया या डेंगू के कैसेज पाए गए हैं, उन क्षेत्रों को सेंसेटिव जोन मानते हुए सतत मॉनिटरिंग की हिदायत दी गई। साथ ही जल जनित बीमारियों की रोकथाम की लिए प्रति सप्ताह जल के नमूनों का संग्रहण करने के भी निर्देश दिए गए है। बैठक में परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व जांचे, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जयपुर जिले में सचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की समीक्षा की गई।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) अशोक कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प्रथम) डॉ. नरोत्तम शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (द्वितीय) डॉ. प्रवीण असवाल सहित ब्लॉक चिकित्सा अधिकारीगण, अन्य चिकित्साधिकारी व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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