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स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करें चिकित्साकर्मी : चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने चिकित्साकर्मियों से आह्वान किया कि वे आम आदमी में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करें। चिकित्साकर्मी आम जन को नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने, अच्छा खानपान और अनुशासित दिनचर्या अपनाने के बारे में प्रेरित कर उन्हें निरोग बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. शर्मा मंगलवार को जिला अस्पताल लैब सुदृढ़ीकरण कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से सबसे बेहतर प्रदेश बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अस्पतालों में स्थापित समस्त जांच मशीनें सुचारू रूप से चलाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा मंत्री ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के तहत संचालित लैब के सुदृढ़ीकरण के साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम के सम्बंध में किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, स्वाइन फ्लू, स्क्रबटायफस, चिकनगुनिया, जीका, हेपेटाईटिस ‘ए‘ व ‘ई‘ तथा निपाह आदि की सही समय पर रिपोर्टिग, मॉनिटरिंग व सुपरविजन किया जाना आवश्यक है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि आईडीएसपी कार्यक्रम के प्रथम चरण के तहत अभी जिला अस्पताल अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू, धौलपुर, झुन्झुनूं, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक एवं नागौर में प्रयोगशालाएं संचालित हैं। द्वितीय चरण में चित्तौड़गढ़, अलवर, करौली तथा तृतीय चरण में बून्दी, दौसा, प्रतापगढ़, हनुमानगढ़ एवं राजसमन्द में स्थापित प्रयोगशाला का सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि इन प्रयोगशालाओं में निःशुल्क डेंगू, स्क्रब टायफस, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस ‘ए‘ व ‘ई‘ की एलाईजा से जांच तथा सभी प्रकार के कल्चर टेस्ट किए जा रहे हैं। जिला अस्पतालों की प्रयोगशालाओं में पूर्व में मात्र ब्लड एवं स्टूल कल्चर की ही जांच की जाती थी जबकि अब इन प्रयोगशालाओं में वे सभी कल्चर जांच की जा रही है जो कि एक मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में उपलब्ध है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में वर्षा के दौर को दृष्टिगत रखते हुए मौसमी बीमारियों डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू, स्क्रबटायफस, चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों के प्रभावी रोकथाम व नियंत्रण हेतु जागरूकता की प्रतिपादित की। उन्होंने हाई रिस्क ग्रुप विशेष तौर पर गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, डायबिटिज, कैंसर, दमा, टीबी रोगियों को एएनएम व आशा के माध्यम से रोगों के बचाव हेतु नियमित रूप से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होेंने समस्त जिलों में तत्काल प्रभाव से कंट्रोल रूम, रेपिड रेस्पोंस टीम का गठन करने व समस्त आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।डॉ. शर्मा ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को ई-सिगरेट व हुक्का बार पर लगाए गए प्रतिबंधों के सभी प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय चिकित्सा संस्थानों में तैनात सभी चिकित्सा कर्मियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने तथा मरीजों के प्रति सद्भावपूर्ण व्यवहार करने की आवश्यकता प्रतिपादित की।

अच्छे काम पर मिलेगा सम्मान और लापरवाही पर दंड

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि अच्छे काम करने वाले चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ का सम्मान किया जाएगा, लेकिन समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने वाले और कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक नीति तैयार की जाएगी, जिसमें कार्मिकों के कार्य की नियमित समीक्षा की जाएगी।

सीएमएचओ सघन दौरे कर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण करें

चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा ने प्रदेश के सीएमएचओ को निर्देश दिए हैं कि वे सघन दौरे कर अपने जिले के चिकित्सा संस्थानों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि वे सभी चिकित्सा संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करें।

खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर करें सख्त कार्यवाही

डॉ. शर्मा ने प्रदेश के सभी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। सरकार के स्तर पर उनका इस कार्य में पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि त्यौंहारी मौसम को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति विशेष सतर्कता बरतें तथा अधिक से अधिक सेंपल करवाकर जांच कराएं।

इस अवसर पर निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. वी.के. माथुर, अतिरिक्त निदेशक एनसीडीसी डॉ. संध्या काबरा, आईएएमएम के अध्यक्ष डॉ. बी. एल. शेरवाल, सीडीसी इंडिया डॉ. डेनियल ग्रेसिया, अतिरिक्त निदेशक (ग्रामीण स्वास्थ्य) डॉ. रवी कुमार शर्मा सहित प्रदेश के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीएमओ और अन्य कार्मिक उपस्थित थे।


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