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राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्र हित का पर्याय : राज्यपाल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति व्याख्यान माला

जयपुर । राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि किसी भी राष्ट्र व राज्य के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय, राष्ट्र हित की सूची में सर्वोपरी एवं महत्वपूर्ण होता है। नागरिकों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा ही राष्ट्र हित का पर्याय होता है। राज्यपाल मंगलवार को यहां धानक्या गांव में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार-दर्शन पर आधारित व्याख्यान माला के आयोजन में व्यक्त किये। व्याख्यान माला का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 52वीं पुण्य तिथि के अवसर पर किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र हमारे लिए देवता के समान है। राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में कभी कोई अड़चन नहीं आनी चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रश्न पर मौन नही रहा जा सकता। पंडित दीनदयाल के अनुसार आधुनिक शस्त्रों का भंडार, नवीन सैन्य तकनीक, अनिवार्य सैनिक शिक्षा, जनता को संभावित शुद्ध के लिए तैयार रखने वाली राजनीति सर्वोपरी थी।

राज्यपाल मिश्र ने कहा कि विदेश नीति और स्वदेश हित शत-प्रतिशत राष्ट्रहित पर आधारित होने चाहिए। हमारी विदेश नीति का सूत्र बिना किसी सत्ता गुट में उलझे अधिकाधिक राष्ट्रों को अपना मित्र बनाना होना चाहिए, ताकि विश्व में शांति बनी रहे और हमें भी अपने देश के आर्थिक विकास की और ध्यान देने के लिए अधिक मौके मिल सके।

आरम्भ में राज्यपाल कलराज मिश्र ने उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का पठन किया और उपस्थित जन-समुदाय ने उसे दोहराया। इससे पूर्व राज्यपाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय मूर्ति स्थल पर पहुंच कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा राष्ट्रीय स्मारक स्थल का विस्तृत अवलोकन किया। समारोह में श्री मिश्र ने छात्र-छात्राओं, पंडित दीनदयाल पर पी.एच.डी. प्राप्त करने वाले एवं उन पर लेख-शोध करने वाले लेखकों को सम्मानित किया।

समारोह में दुर्गादास, डॉ. एस.एस. अग्रवाल, सेवानिवृत ले.जनरल विशम्भर सिंह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष श्री मोहन लाल छीपा ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन भी उपस्थित थे।


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