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सतही जल के उपयोग को राज्य सरकार देगी बढ़ावा – जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री

जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री बी.डी. कल्ला ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि नर्बदा, साबरमती तथा यमुना नदियों से राज्य के हिस्से का पानी केन्द्र की ओर दिया जाना सुनिश्चित हो, जिससे की राज्य में पेयजल की समस्या का समाधान हो सके।

कल्ला सोमवार को राज्य विधानसभा में पयेजल पर हुई चर्चा का जबाव दे रहे थे। बी.डी. कल्ला ने कहा कि प्रदेश में वर्ममान में 23 से 24 प्रतिशत सतही पानी की आपूर्ति हो रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सतही जल का उपयोग एवं आपूर्ति को बढ़ाया जाये तथा भू-जल का संरक्षण किया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य में देश की कुल जनसंख्या का 5.5 प्रतिशत भाग निवास करता है जबकि देश के कुल जल का 1.16 प्रतिशत जल ही प्रदेश में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इसमें भी देश के लवणीय पानी का 92 प्रतिशत पानी राज्य में है। इसी प्रकार राज्य के पानी 64 प्रतिशत में नाइट्रेट तथा 51 प्रतिशत पानी में फ्लोराइड है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि सदस्यों द्वारा जल संरक्षण पर जोर दिया गया है और मैं भी इस बात से सहमत हूॅ। उन्होंने कहा कि गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने ज्यादा पानी को भी समस्या बताते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा में ज्यादा पानी से खेत खराब हो गये हैं। उन्होंने कहा कि इजराइल और प्राचीन पद्धति के अनुसार बूंद-बूंद सिंचाई की जानी चाहिए।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि विधायकों की ओर से पेयजल योजना का लाभ दिये जाने हेतु उस गांव की 4 हजार की जनसंख्या होने की अनिर्वायता के नियम को पूरा करने के लिए 2 गांवों की जनसंख्या को जोड़ने के सुझाव का परीक्षण करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के साथ ही जल का बचाव भी जरूरी है। नहाने, टूथ ब्रुश करने में बहुत सा पानी व्यर्थ ही बहा दिया जाता है। उन्होंने ऎसा न करके पानी का उपयोग मितव्ययता किये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फ्लश छोटी-बड़ी आवश्यकता के अनुसार ही किया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य के पिछले 50 वर्षो में से 30 वर्षो में सामान्य वर्षा हुई है। उन्होंने कहा कि सतही जल की आपूर्ति को राज्य सरकार की ओर बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जयपुर, ब्यावर और अजमेर को पेयजल आपूर्ति किये जाने वाले बिसलपुर बांध को ब्राम्ह्णी नदी से जोड़ने की 58 सौ करोड़ रूपये की योजना है। उन्होंंने कहा कि ईसरदा बांध का कार्य शुरू हो गया है। इससे दौसा तथा आस-पास के जिलों को पानी उपलब्ध कराया जायेगा।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से राज्य को मिलने वाली राशि में लगातार कमी होती जा रही है। राजस्थान में वर्ष 2016-17 में पेयजल राज्य योजना 3606 करोड़ रुपए की मंजूर की थी जिसमें केन्द्र से केवल 1027करोड़ रुपए मिले। इसी प्रकार 2017-18 में 3827 करोड़ में से 1065 करोड़ एवं 2018-19 में 3409 करोड़ में से केवल 951करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने कहा कि जब से नीति आयोग का गठन हुआ है, राज्य के साथ न्याय नहीं हो रहा है। इससे विकसित राज्यों को ज्यादा फायदा हो रहा है और राजस्थान जैसे विषम परिस्थितियों वाले पिछड़े प्रदेशों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से स्वीकृत योजनाओं का 5073 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार पर बकाया है। यह राशि हासिल करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। इस संबंध में पिछले दिनों केन्द्र सरकार से मिलकर आग्रह किया गया है। यह राशि मिलने से प्रदेश को काफी राहत मिलेगी।

कल्ला ने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से 2024 तक हर घर जल पहुंचाने की बात कही गई है। यह कार्य पहाड़ी एवं मरूस्थलीय क्षेत्रों में शत प्रतिशत केन्द्रीय अनुदान से ही संभव है। उन्होंने बताया कि राज्य के हर घर में जल पहुंचाने के लिए करीब 1.25 से 1.5 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी।

कल्ला ने कहा कि पिछले वर्ष बिसलपुर बांध में काफी कम पानी आया था। मुख्यमंत्री की सहमति से 732 ट्यूबवैल मंजूर किए और तुरंत खुदवाकर इस परियोजना से जुड़े क्षेत्र के लोगों को पेयजल मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कंटीजेंसी प्लान बनाकर हैंडपंप, ट्यूबवैल खुदवाए और अंतिम विकल्प के रूप में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कर गर्मियों में प्रदेश की जनता को पेयजल समस्या से निजात दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 100 दिवसीय कार्य योजना बनाकर 1216 गांव-ढाणियों को पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया तथा 256 आरओ प्लांट लगवाकर शुद्ध पेयजल मुहैया कराया। उन्होंने कहा कि राज्य मेें 38 शहरी एवं 391 ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं का सुदृढ़ीकरण, 3117 नए हैण्डपंप, 406 नलकूपों का निर्माण एवं 63 हजार 135 हैण्डपंपों की मरम्मत कराई गई।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि पुष्कर सरोवर में प्रतिदिन 8 लाख लीटर पानी दिया जा रहा है। सरोवर में वर्तमान में 8 फीट पानी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्षा शुरू हो गई और सरोवर में पानी की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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